नमस्कार बंधुओ,आज की पोस्ट में दो राशियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण उपाय बताया जाएगा । वह दो राशि है वृष राशि और मिथुन राशि । इन दोनों ही राशि के जातकों को 31 दिसंबर 2023 को ऐसा कौन सा उपाय करना चाहिए ताकि वह आने वाला वर्ष 2024 को अपने मन मुताबिक जी सके । यानी कि इसका मतलब यह हुआ यह उपाय वृष राशि और मिथुन राशि के जातकों के लिए 2024 में उनकी सभी मनोकामना पूर्ति के लिए महत्वपूर्ण किरदार निभाएगा । इसके लिए कुछ नियम है जिनको जानना जरूरी है ,यदि पूरे नियम के साथ यह उपाय किए जाएं तो निश्चित तौर पर यह उपाय दोनों ही राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण होने वाला है वह उनकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। चलिए अब जानते हैं की दोनों ही राशि के जातकों को कौन सा उपाय करना है
वृष राशि के देवता कौन है?
कुलदेवी या फिर मां दुर्गा वृष राशि के देवी मानी जाती है
मिथुन राशि के देवता कौन है?
भगवान कुबेर मिथुन राशि के देवता है।
वृष राशि के जातक कौन सी माला का प्रयोग करेंगे?
वृष राशि के जातक रक्त चंदन माला जिसको लाल चंदन की माला भी कहा जाता है इसका प्रयोग करेंगे
मिथुन राशि के जातक कौन सी माला का प्रयोग करेंगे?
मिथुन राशि के जातक रुद्राक्ष माला का प्रयोग करें
वृष राशि के जातकों के लिए मंत्र:
ॐ ऐं क्लीं श्रीं
मिथुन राशि के जातकों के लिए मंत्र
ॐ क्लीं ऐं सौ:
उपाय करने की विधि:
दोनों ही राशियों के जातक 31 दिसंबर को सुबह 7:00 बजे यह प्रयोग शुरू करेंगे सुबह 7:00 से 9:00 बजे के बीच में ।वृष राशि के जातक अपना उपरोक्त मंत्र जाप करेंगे उपरोक्त माला के द्वारा ,वही मिथुन राशि के जातक भी अपना उपरोक्त मंत्र जाप करेंगे 7:00 बजे से 9:00 बजे के बीच में उपरोक्त माला के द्वारा। जब मंत्र का जाप कर रहे होंगे तो इस बात का ध्यान रखना है की वृष राशि के जातक पांच माला जपेंगे सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे के बीच में वही मिथुन राशि के जातक चार माला जपेंगे सुबह 7:00 से 9:00 के बीच में। फिर दोनों ही राशि के जातक अपना दैनिक कार्य कर सकते हैं। यानी कि जो भी उनका काम करना है वह काम कर सकते हैं । अब 31 दिसंबर को दिन के 12:00 से 3:00 के बीच में वृष राशि के जातक उपरोक्त मंत्र का उपरोक्त माला के साथ 12 माला जपेंगे। घर के मंदिर में बैठकर ही मंत्र का जाप करना है वहीं मिथुन राशि के जातक 12:00 से 3:00 के बीच में 15 माला का जाप करेंगे। उसके बाद दोनों ही राशियों के जातक अपने अन्य कामों में लग जाएंगे । अब सीधा 31 दिसंबर के 11:55, इसका मतलब यह हुआ 12:00 बजने से 5 मिनट पहले मंत्र का जाप शुरू करना है और अब 21 माला का जाप करना है दोनों ही जातकों को । इसका मतलब यह हुआ की मंत्र का जाप 31 दिसंबर 2023 को शुरू होगा और मंत्र का जाप 1 जनवरी 2024 को समाप्त होगा। दोनों ही राशि के जातकों को रात के 11:55 बजे मंत्र का जाप शुरू करना है और 21,21 माला का जाप करना है जैसे ही 21 माला समाप्त हो जाएंगे , तो अपने-अपने देवताओं के आगे हाथ जोड़कर प्रार्थना करनी है अपनी मनोकामनाएं बतानी है और कैसा कैसा जीवन जीना चाहते हैं 2024 में वह सभी बातें अपने देवताओं को बतानी हैं प्राथना के रुप में और उनका आशीर्वाद लेना है। उसके बाद जिस माला से मंत्र का जाप किया था उस माला को अपने गले में ग्रहण कर लेना है और कम से कम एक दिन यानी की 1 जनवरी 2024 को अपने गले में पहन कर रखना है। अगर पूरे साल भर पहन सकते हैं तो ज्यादा अच्छा।
मंत्र जाप करने का सही तरीका:
दोनों ही राशि के जातक अपनी अपनी माला लेकर घर के मंदिर में बैठकर मंत्र का जाप शुरू करेंगे तो अपने दिमाग में वह सभी बातें सोचनी है जो वह 2024 में चाहते हैं यानी कि वह सभी मनोकामनाएं जिनको वह पूरा करना चाहते हैं उनके बारे में सोचते सोचते मंत्र का जाप करना है। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए अगर आप 2024 में गाड़ी खरीदना चाहते हैं तो आपको उस गाड़ी के बारे में सोचते हुए जिस गाड़ी को आप खरीदना चाहते हैं उसके बारे में सोचते हुए मंत्र का जाप करना है इसी प्रकार जो जो आपकी मनोकामना है उनके बारे में पूरा ध्यान लगाकर सोचते हुए मंत्र का जाप करना है
चेतावनी : कभी भी किसी भी प्रकार का उपाय करने से पहले किसी योग्य ज्योतिष या गुरु का परामर्श जरूर लें। जरूरी नहीं है कि आपको इन उपायों से लाभ मिलकर ही रहेगा।