KUBER GAYATRI MANTRA KE LABH , जानिये पूरी विधि , कुबेर गायत्री मंत्र से धन का आगमन होता हैं
नमस्कार बंधुओ , आज की पोस्ट में आपको कुबेर गायत्री मंत्र के बारे में बताया जायेगा। जैसा की आपको नाम से ही पता चल गया होगा की आज का उपाय धन-लाभ पर होगा। हम सभी को पता हैं की भगवान कुबेर की पूजा धन प्राप्ति व सुख-समृद्धि के लिए की जाती हैं। आईये पहले जानते है की आखिर क्यों भगवान कुबेर की पूजा करने से धन-लाभ होते हैं। असल में भगवान कुबेर के शरीर का अकार गोल होने की वजह से उनका उपहास उड़ाया जाता था। उन पर हँसा जाता था। इन सभी बातो से व्याकुल होकर भगवान कुबेर ने शिव जी की भक्ति शुरू कर दी थी। जब शिव जी ने इतनी कठोर भक्ति देखी तो वह काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने भगवान कुबेर को आशीर्वाद दिया कि तुम धन के रक्षक बनोगे। इसी वजह से भगवान कुबेर की पूजा करी जाती हैं ताकि धन का आगमन हो सकेऔर विभिन्न प्रकार के धन-लाभ हो सके।आईये अब जानते हैं कुबेर गायत्री मंत्र को :
ॐ विश्रवापुत्राये विदमहे ,
वित्तेश्वराय च धीमहि।
तन्नो निधिपत्त्यै प्रचोदयात।।
इस मन्त्र का नित्य जाप करने से घर में सुख शांति व धन का आगमन होता हैं।
मंत्र जाप करने के समय :
वैसे तो यह मंत्र अलग-अलग राशि के जातको को अलग अलग समय पर करना चाहिए , मगर आप अगर पूरी श्रद्धा से इस मंत्र का जाप करेंगे तो किसी भी समय जाप कर सकते हैं। शाम के ६ बजे से पहले पहले ही यह उपाय कर लीजिये। घर में कोई भी सदस्य यह उपाय कर सकता हैं। घर के मंदिर में बैठकर।
कौनसी माला : रुद्राक्ष की माला से यह उपाय करना हैं और कम से कम एक माला व ज्यादा से ज्यादा जितनी चाहे माला का जाप कर सकते हैं।
विधि :
स्नान आदि करने के पश्चात मंदिर में दीपक जलाएं उसके बाद रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जाप करें , कम से कम १०८ बार यानी की एक माला। जाप समाप्त होने के बाद हाथ जोड़कर प्राथना करें धन लाभ की।
याद रहें भगवान कुबेर उन्ही जातको पर प्रसन्न होते हैं जो परिश्रम करते हैं अपनी नौकरी या व्यापार में। बिना परिश्रम कभी भी लाभ नहीं मिलता।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं । किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।