कही आपके घर पर "Totka Kiya Gaya Vyakti" तो नहीं? Uske Lakshan aur Prabhav - जाने प्रभाव किये-कराए का
कही आपके घर पर "Totka Kiya Gaya Vyakti" तो नहीं? TOTKE KE Lakshan aur Prabhav - जाने प्रभाव किये-कराए का
Namashkar Bandhuo
घर दुकान स्थान पर अथवा किसी व्यक्ति पर तंत्र टोटके का या ऊपरी प्रभाव है या नहीं इसका निश्चय होना भी आवश्यक है । मात्र अनुमान या शक के आधार पर ही औषधि प्रयोग चिकित्सा उपाय मंत्र आदि के अनुष्ठान नहीं किया जा सकते। क्योंकि अनावश्यक रूप से औषधि उपाय का प्रयोग व्यक्ति के Norm/ यानी की समस्तिथि को असंतुलित या डिस्टर्ब करके उपद्रव/समस्या उत्पन्न कर सकता है। अथवा इस प्रकार के गैरजरूरी प्रयास दूसरे व्यक्ति के मन मस्तिष्क में भूत बाधित होने का वहम पैदा कर सकते हैं। अतः उचित है कि पहले प्रकट लक्षणों के आधार पर यह पक्का कर लिया जाए कि मामला इस प्रकार के उपायों के योग्य है। तभी इनका प्रयोग किया जा सकता है । अलबत्ता रक्षा प्रयोग संभावना के आधार पर भी कर सकते हैं क्योंकि वह केवल हमें एक रक्षा कवच प्रदान करता है। हमारे आभामंडल को मजबूत अभेद्य बनाता है। वह हमारे भीतर के तत्वों तथा ऊर्जा को आंदोलित करता है। चलिए अब जानते हैं कि कौन से लक्षण अक्सर पाए जाते हैं। टोटके के असर क्या क्या हो सकता हैं?लक्षण
1: वृक्ष और पौधों का सुखना:
घर के पेड़ पौधों का अकारण ही सुखना या मुरझाना।
2: तनाव व झगड़ा:
अचानक घर में तनाव व झगड़ा बढ़ जाना।
3: बाहर ज्यादा समय बिताना :
सभी का अधिक समय घर से बाहर या फिर दूर रहना। 4: दूरियां बढ़ना:
दोस्तों रिश्तेदारों व शुभचिंतकों से दूरियां बढ़ जाना।
5: बीमारियों में वृद्धि:
घर में एक के बाद एक किसी का बीमार पड़ने लगना।
6: घर के वातावरण में बदलाव:
घर की नालियों का अचानक जाम हो जाना दुर्गंध आने लगा ,सीलन आना। घर में अव्यवस्था अराजकता गंदगी धूल ,जालो का बढ़ जाना, छिपकली, मकड़ी आदि बढ़ जाना।
7: दुर्घटना:
दूसरे की गलती से बार-बार दुर्घटना होना चोट लगना।
8:शारिरिक परिवर्तन:
प्रभावित व्यक्ति का शरीर अचानक सूखने लगना । आंखों के नीचे गड्ढे बन जाना बनते हुए कामों का अचानक बिल्कुल आखिरी समय पर बिगड़ जाना। या उनमें व्यर्थ के झंझट झमेले, व्यवधान ,विलंब होना।
9: मकान दुकान:
अचानक मकान दुकान ऑफिस को खाली करने के तकाजे शुरू हो जाना या उनका टूट जाना या पपड़ियां उतरना या अचानक छत , दीवार में दरारें आना या उनका बढ़ जाना ।
10: पालतू जानवर:
घर के पालतू जानवरों को मरना बीमार पड़ना। चोरी हो जाना या घर के बाहर जाने के लिए बेचैन रहना या कष्ट पाना ।
11: स्वभाव बदलना :
अगर घर के किसी सदस्य का स्वभाव अचानक बदल जाए और उनके कारण समझ ना आए, चिड़चिड़ापन, क्रोध ,अवसाद ,भय, निराशा , बार-बार रोना, बदतमीजी करना ।
12: सन्तुलन:
दिमागी संतुलन, भावनात्मक या व्यवहारिक संतुलन बिगड़ना। अचानक बार-बार चौक कर नींद खुलना। बेचैनी रहना हथेली के निचले भारी सिरे पर काले धब्बे या कालापन आ जाना अथवा अनामिका की जड़ के नीचे धब्बे आ जाना।