VASTU UPAYE यदि नौकरी, व्यपार , उधार में समस्या आ रहीं हैं तो करिये यह वास्तु के उपाय।

VASTU UPAYE यदि नौकरी, व्यपार , उधार में समस्या आ रहीं हैं तो करिये यह वास्तु के उपाय।

नमष्कार बंधुओ, आज की पोस्ट में हम आपको कुछ वास्तु संबंधित उपाय बताएंगे । यदि आप नौकरी से या फिर व्यापार/व्यवसाय से संबंधित किसी  समस्या से ग्रसित हैं तो आज की पोस्ट अवश्य पढ़ें। यदि ऋण यानी कि लोन लेने देने में भी समास्या आ रहीं हैं तो भी आज का पोस्ट आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण रहेगा। तो चलिए जानते हैं कुछ वास्तु के उपाय।
यदि वास्तु दोष के कारण नौकरी या जीविका ना मिलती हो या समस्याएं रहती हो पदोन्नति व तरक्की ना होती हो या व्यवसाय व्यापार में अड़चन आती हो या घाटा होता हो , उधर मारा जाता हो या उधर में फंसना पड़ता हो , तो निम्नलिखित उपाय करें तथा निम्न दोषो से बचें। 
1: घर की पूर्व दिशा में तुलसी के पांच पौधे लगाए या सूरजमुखी के पौधे लगाए । उगते सूर्य को नित्य जल दें। आदित्यहृदय स्त्रोत का पाठ करें अथवा किसी रविवार को बेल पत्थर के पेड़ की जड़ सफेद धागे में गले में पहने। तथा पिता या फिर दादा को पांच बदाम तथा दूध अपने हाथ से रोज दें । इससे जीविका यानी की नौकरी सरकारी नौकरी की समस्या दूर होती हैं।
2: उत्तर दिशा में कृष्ण जी की तस्वीर लगाए या गणेश जी की छोटी प्रतिमा या फिर तस्वीर लगाए।  उसके आगे शंकर तथा स्फटिक श्री यंत्र रखें । हर बुधवार या चतुर्थी को गणेश जी को मूंग चढ़ाए और उसे गरीब में  बाटें। इससे व्यवसाय यानी कि व्यापार का घाटा रुक जाता है।
3: यदि इच्छित स्थान पर योग्यता होते हुए भी तथा वैकेंसी होते हुए भी ट्रांसफर ना हो पा रहा हो तो 4 बेदाग नींबू पुष्य नक्षत्र में नदी में बहने चाहिए तथा कुछ दिन वायव्य दिशा में सोना या बैठना चाहिए।
4: दुकान का जो माल बिक ना पाता हो उसे दुकान के वायव्य कोण में रखें । इससे उसके शीघ्र बिकने की संभावना बढ़ती है।  क्योंकि इस दिशा में उच्चाटन का प्रभाव है । यह दिशा दीर्घकाल तक किसी को टिकने नहीं देती।
5: अपने ऑफिस यानी  कार्यस्थल पर दक्षिण दिशा में बैठे यानी कि आपका मुख उत्तर की ओर  होना चाहिए और पीठ के पीछे दीवार आवश्यक हो । इससे सामने वालों पर प्रभाव पड़ता है और स्वयं को स्थायित्व प्राप्त होता है। अपने पीछे कोई चित्र आदि न लगे इससे सामने वाले का ध्यान भटकता है । लगाना ही है तो पर्वत या बड़ी इमारत का चित्र लगाए ताकि आपकी बात का वजन सामने वाले पर पड़े और आपको दृढ़ता मिले।
6: दुकान चलती ना हो या ग्राहक कम आते हो तो दुकान में सफेद धागे में बांधकर हींग लटकाए। खराब हो जाने पर उसे बदल दें। नित्य पीपल का एक ताजा पत्ता गल्ले में रखें और शाम को उसे हटा दें ।दुकान के द्वार के दोनों और हल्दी से स्वास्तिक चिन्ह बनाएं । दुकान में देवताओं का चित्र व मंदिर पूर्व या उत्तर में रखें । उसके साथ मृतक व्यक्ति का चित्र ना लगए।  लगाना ही हो तो दक्षिण में लगायें।  नित्य ईश्वर को धूप दीप दिखाकर गुलाब या चंदन की अगरबत्ती जलाकर गणेश जी व लक्ष्मी जी की उपासना करें । पूर्वी दिशा में बीसा यंत्र लगाए। रोज उसकी पूजा करें। काउंटर पर स्फटिक का पिरामिड रखें। काउंटर के कोने रोकदार ना रखें। उन्हें गोल कर ले या अर्ध चंद्राकर वाला काउंटर रखें । दुकान पर नशा ना करें। गद्दी  पर खाना ना खाएं।
7: जिन लोगों का उधार अक्सर मारा जाता हो । उनको मंगलवार को राहुकाल में ज्वालामुखी योग में किसी को धन उधार नहीं देना चाहिए।  घर के उत्तर में हरे रंग का ध्वज लगाना चाहिए। दर्पण तथा दीवार घड़ी सदा उत्तर या पूर्व में लगाने चाहिए। कभी-कभी बुधवार को पांच कौरे घड़े जल प्रवाह करने चाहिए।
8: जिन लोगों को अक्सर ऋणग्रस्त हो जाना पड़ता हो यानी की बार-बार उधार मांगना पड़ता हो और वह उधार चुकता ना कर पाते हो तो उनको अपने पलंग के सिरहाने तांबे की किले ठुकवानी चाहिए।  पश्चिम में पैर करके सोना चाहिए । आलू या फिर आवाले का पौधा उत्तर में लगाना चाहिए। ऋण मोचक मंगल या ऋण मोचक गणेश स्तोत्र का नित्य पाठ करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।